सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा 2026 में सुपौल स्थित ‘सार्थक प्राइमरी एकेडमी’ के 68 छात्रों ने शानदार सफलता हासिल की है। इन छात्रों ने अपनी मेहनत और लगन से इस कठिन परीक्षा को पास कर कोसी क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
सीमित संसाधनों के बावजूद, इन होनहार छात्रों ने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। उनकी इसी मेहनत का परिणाम है कि उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
इस उपलब्धि से न केवल विद्यालय, बल्कि पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है। परिणाम घोषित होते ही सुपौल और आसपास के इलाकों में खुशी की लहर दौड़ गई। हर तरफ जश्न जैसा माहौल देखने को मिला। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
कितने छात्र हुए सफल
‘सार्थक प्राइमरी एकेडमी’ ने एक बार फिर अपनी शानदार उपलब्धि से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। सुपौल-मधेपुरा रोड स्थित गौरवगढ़ में मौजूद इस स्कूल के करीब 70 छात्र सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 68 छात्रों ने सफलता प्राप्त की। यह परिणाम अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। खास बात यह है कि यह सफलता ऐसे क्षेत्र से आई है, जहां संसाधन सीमित हैं और अधिकांश छात्र ग्रामीण परिवेश से आते हैं। इन होनहार छात्रों ने यह साबित कर दिया है कि अगर मेहनत और लगन सच्ची हो, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। छोटे शहरों और गांवों के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। यह सफलता न केवल छात्रों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, बल्कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का भी बड़ा योगदान है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सार्थक प्राइमरी एकेडमी के छात्रों ने सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। बीते कई वर्षों से यह संस्थान लगातार अच्छे परिणाम देता आ रहा है और सफलता की नई कहानियां लिख रहा है।
स्कूल की तैयारी और रणनीति
प्रतियोगी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी गुणवत्ता और बेहतर परिणामों के लिए पहचाने जाने वाले इस संस्थान ने इस वर्ष भी विशेष तैयारी करवाई थी। सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा सत्र 2025–26 के लिए छात्रों को योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया गया। इस दौरान पढ़ाई के साथ-साथ नियमित अभ्यास और टेस्ट की विशेष व्यवस्था की गई।
संस्थान की सबसे बड़ी खासियत इस बार 100 से अधिक OMR आधारित टेस्ट का आयोजन रहा। इन टेस्टों के माध्यम से छात्रों को वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव दिया गया। इससे छात्रों की समय प्रबंधन क्षमता बेहतर हुई और वे प्रश्नों को जल्दी और सही तरीके से हल करने में सक्षम हुए।
हर टेस्ट के बाद छात्रों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। उनकी कमजोरियों को पहचानकर उन्हें सुधारने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी चलाई गईं। इस प्रक्रिया से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा और वे परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हो पाए। यही कारण रहा कि इस वर्ष संस्थान को लगभग शत-प्रतिशत सफलता मिली।
आवेदन प्रक्रिया में आई समस्या
हालांकि, इस सत्र में आवेदन प्रक्रिया के दौरान कुछ तकनीकी कारणों से कुछ छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। इस विषय पर संस्था ने कहा कि इसे एक सीख के रूप में लिया गया है और भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए और अधिक सावधानी बरती जाएगी। संस्था ने यह भी स्पष्ट किया कि वह छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध है।
शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका
इस सफलता में शिक्षकों और अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षकों ने पूरे समर्पण के साथ पढ़ाया और अभिभावकों ने बच्चों का हौसला बढ़ाया। संस्थान के शिक्षकों का कहना है कि छात्रों ने पूरे मन से पढ़ाई की और हर टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन किया। नियमित अभ्यास, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के कारण यह शानदार परिणाम संभव हो सका। शिक्षकों ने छात्रों को हर कदम पर प्रेरित किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
निदेशक ने क्या कहा
इस उपलब्धि पर सार्थक ग्रुप के निदेशक राजन चमन सर ने खुशी जाहिर करते हुए सभी शिक्षकों, सहयोगियों और अभिभावकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। हमारे शिक्षकों की मेहनत, सहयोगियों का समर्पण और अभिभावकों का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
उन्होंने आगे कहा कि संस्था आगे भी इसी तरह छात्रों को बेहतर शिक्षा देने और उन्हें उनके लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी। उनका उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्र के अधिक से अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अपना स्थान बना सकें।
निष्कर्ष
सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में मिली यह सफलता न केवल सार्थक प्राइमरी एकेडमी के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे कोसी क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। यह उपलब्धि उन सभी छात्रों के लिए एक संदेश है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
कुल मिलाकर, यह परिणाम यह साबित करता है कि सही दिशा, मेहनत और समर्पण के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। सार्थक प्राइमरी एकेडमी की यह सफलता आने वाले समय में और भी छात्रों को प्रेरित करेगी और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने का रास्ता दिखाएगी।
राजन सर के जन्मदिन के शुभ अवसर पर 5 मार्च को नामांकन निःशुल्क
सुपौल स्थित ‘सार्थक प्राइमरी एकेडमी’ में एक विशेष पहल की घोषणा की गई है। संस्थान के निदेशक राजन सर के जन्मदिन के शुभ अवसर पर 5 मार्च को छात्रों के लिए नामांकन निःशुल्क किया जाएगा। संस्थान की ओर से जानकारी दी गई है कि 5 मार्च को पूरे दिन नामांकन प्रक्रिया जारी रहेगी। इस दिन नए छात्रों से किसी प्रकार का एडमिशन शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल सीमित सीटों के लिए ही उपलब्ध होगी। इसलिए अभिभावकों को समय रहते नामांकन कराने की सलाह दी गई है। यह पहल उन छात्रों के लिए एक सुनहरा मौका है, जो अच्छी शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं लेकिन किसी कारणवश अभी तक नामांकन नहीं करा सके हैं। निःशुल्क नामांकन से उन्हें बेहतर शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिलेगा। संस्थान का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।







