सुपौल स्थित सार्थक प्राइमरी एकेडमी में वार्षिक परीक्षा 16 मार्च 2026 से शुरू हो गई है। परीक्षा को लेकर विद्यालय में काफी उत्साह और अनुशासन का माहौल देखने को मिल रहा है। परीक्षा शुरू होने से पहले ही सभी छात्र-छात्राएं अपनी-अपनी कक्षाओं में पहुंच जाते हैं और शिक्षक-शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा देते हैं। विद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा की सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं, ताकि परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न हो सके। विद्यालय में परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकल-मुक्त तरीके से कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
परीक्षा से पहले छात्रों की जांच
सबसे पहले सभी छात्रों की अच्छी तरह से जांच की गई, ताकि कोई भी छात्र अपने साथ कॉपी, किताब या अन्य कोई सामग्री परीक्षा कक्ष में न ले जा सके।
इस दौरान छात्रों को समझाया गया कि परीक्षा ईमानदारी से देना चाहिए और किसी भी प्रकार की नकल नहीं करनी चाहिए। परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा कक्षों पर सी.सी.टी.वी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है, जिससे परीक्षा पूरी तरह अनुशासन और ईमानदारी के साथ संपन्न हो सके। परीक्षा शुरू होने से पहले ही सभी बच्चों को कक्षा में बता दिया गया था कि कोई भी छात्र बैग, कॉपी, किताब या किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस परीक्षा कक्ष में नहीं लाएगा। छात्रों को केवल पेन, पेंसिल और पानी की पारदर्शी बोतल लाने की अनुमति दी गई है। सभी बच्चों को अपना एडमिट कार्ड लेकर आना अनिवार्य किया गया है।
परीक्षा कक्ष में छात्रों की उपस्थिति और व्यवस्था
परीक्षा के दिन सभी छात्र अपने-अपने एडमिट कार्ड के साथ विद्यालय पहुंचे। सभी छात्र अपने रोल नंबर के अनुसार निर्धारित परीक्षा कक्ष में जाकर अपनी सीट पर बैठ गए। सुबह लगभग 8:00 बजे तक सभी छात्र अपनी जगह पर बैठ चुके थे। विद्यालय के सभी शिक्षक भी अपने-अपने परीक्षा कक्ष में उपस्थित थे। शिक्षक छात्रों को शांतिपूर्वक बैठने में मदद करते थे और परीक्षा शुरू होने से पहले आवश्यक निर्देश भी देते थे।
विद्यालय निदेशक का संदेश
विद्यालय के निदेशक राजन सर ने परीक्षा के अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। उन्होंने सभी छात्रों को ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने की सलाह दी हैं।
राजन सर ने कहा कि छात्रों को बिना किसी डर के अपने ज्ञान के आधार पर प्रश्नों के उत्तर लिखने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा हैं कि मेहनत और नियमित पढ़ाई ही सफलता की कुंजी है। यदि छात्र पूरे वर्ष मन लगाकर पढ़ाई करते हैं, तो परीक्षा उनके लिए कठिन नहीं होती। उन्होंने छात्रों को यह भी समझाया कि परीक्षा केवल अंकों के लिए नहीं होती, बल्कि यह उनकी मेहनत और सीखने की प्रक्रिया का मूल्यांकन करने का एक माध्यम है। अंत में उन्होंने सभी छात्रों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की हैं।
प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका वितरण
सुबह लगभग 8:20 बजे तक सतीश सर सभी परीक्षा कक्षों में प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका पहुंचा देते थे। इसके बाद शिक्षक जांच करते थे कि प्रश्न पत्र सही प्रकार से बंद और सुरक्षित किया हुआ है या नहीं। संतुष्ट होने के बाद शिक्षक उस पर हस्ताक्षर करते थे और छात्रों के बीच प्रश्न पत्र बांटते थे।
निर्धारित समय के अनुसार सुबह 8:30 बजे से परीक्षा शुरू होती थी। सभी छात्र शांतिपूर्वक और अनुशासन के साथ परीक्षा देते थे। प्रथम पाली की परीक्षा लगभग 10:20 बजे तक चलती है। परीक्षा समाप्त होने के बाद शिक्षक क्रमांक के अनुसार सभी छात्रों से उत्तर पुस्तिकाएं लेते हैं। इसके बाद यह जांच की जाती है कि सभी छात्रों की कॉपियां सही तरीके से जमा हो गई हो। प्रथम पाली की परीक्षा के बाद लगभग 10:30 बजे छात्रों को लंच ब्रेक दिया जाता है। इसके बाद 11:00 बजे से दूसरी पाली की परीक्षा शुरू हो जाती है। इसी प्रकार छात्र अपने-अपने विषयों की परीक्षा देते हैं।
छात्रों की प्रतिक्रिया
परीक्षा के पहले दिन बच्चों में थोड़ा घबराहट के साथ-साथ उत्साह भी देखने को मिला। जब प्रश्न पत्र मिला, तो सभी बच्चे ध्यान से प्रश्न पढ़कर अपने उत्तर लिखने लगे। परीक्षा के दौरान सभी छात्र गंभीर और शांत दिखाई दिए। कई बच्चों के चेहरे पर आत्मविश्वास भी नजर आ रहा था क्योंकि उन्होंने पूरे वर्ष अच्छी तैयारी की थी। परीक्षा के दौरान छात्रों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें थोड़ी घबराहट महसूस हो रही थी, लेकिन प्रश्न पत्र मिलने के बाद वे धीरे-धीरे सहज हो गए। कई छात्रों ने कहा कि उन्होंने पूरे वर्ष पढ़ाई की थी, इसलिए उन्हें प्रश्नों के उत्तर लिखने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
छात्रों का कहना था कि परीक्षा कक्ष का वातावरण भी शांत और अनुशासित था, जिससे उन्हें ध्यान लगाकर लिखने में आसानी हुई। शिक्षकों की मौजूदगी और व्यवस्था के कारण परीक्षा अच्छी तरह से संपन्न हो रही है।
अंत में छात्रों ने कहा कि वे आगे आने वाली परीक्षाओं के लिए भी पूरी तैयारी के साथ आएंगे और अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।
शिक्षकों की मनोदशा
परीक्षा के दौरान शिक्षकों की मनोदशा भी काफी जिम्मेदारी भरी थी। सभी शिक्षक इस बात का ध्यान रख रहे थे कि परीक्षा पूरी तरह अनुशासन और ईमानदारी के साथ संपन्न हो। शिक्षक लगातार कक्षाओं में घूम-घूम कर छात्रों पर नजर रख रहे थे और यह सुनिश्चित कर रहे थे कि कोई भी छात्र नकल न करे। सभी शिक्षक चाहते थे कि बच्चे अपनी मेहनत के आधार पर अच्छा प्रदर्शन करें और परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो।
परीक्षा के दौरान शिक्षकों ने बताया कि इस वर्ष भी वार्षिक परीक्षा शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में आयोजित की जा रही है। सभी छात्र नियमों का पालन करते हुए ईमानदारी से परीक्षा दे रहे हैं।
शिक्षकों का कहना है कि विद्यालय में परीक्षा को नकल-मुक्त बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में शिक्षक लगातार निगरानी कर रहे हैं और छात्रों को शांतिपूर्वक परीक्षा देने में सहायता भी कर रहे हैं।
शिक्षकों ने यह भी बताया कि अधिकांश छात्रों ने पूरे वर्ष अच्छी तैयारी की है, इसलिए वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे रहे हैं। कई छात्रों ने प्रश्नों के उत्तर सही तरीके से लिखे हैं, जिससे यह पता चलता है कि उन्होंने पढ़ाई पर ध्यान दिया है।
उपस्थिति दर्ज करना, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और परिणाम
परीक्षा के दौरान सभी छात्र अटेंडेंस शीट पर अपना हस्ताक्षर करते हैं। शिक्षक भी रजिस्टर में यह दर्ज करते हैं कि कक्षा में कितने छात्र उपस्थित हैं और कितने अनुपस्थित हैं। सभी कक्षाओं की रिपोर्ट सतीश सर द्वारा तैयार की जाती है।
परीक्षा समाप्त होने के बाद सतीश सर सभी कक्षाओं से उत्तर पुस्तिकाएं एकत्रित करते हैं और उनकी गिनती करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं सुरक्षित रूप से प्राप्त हो गई हैं। इसके बाद सभी कॉपियों को विद्यालय कार्यालय में सुरक्षित रखा जाता है। अगले दिन संबंधित विषय के शिक्षक कॉपियों की जांच करते हैं और छात्रों का मूल्यांकन करते हैं। इसके आधार पर विषय-वार रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिससे वार्षिक परिणाम बनाया जाता है।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार यह वार्षिक परीक्षा 16 मार्च 2026 से 28 मार्च 2026 तक चलेगी। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 से छात्रों को उनका रिपोर्ट कार्ड दिया जाएगा, जिसके आधार पर वे अगली कक्षा में प्रवेश करेंगे।
वार्षिक परीक्षा कार्यक्रम
कक्षा 4, 5 और 6 की वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है- 16/03/2026 को साइंस और कंप्यूटर, 18/03/2026 को हिंदी और संस्कृत, 20/03/2026 को मैथ्स और रीजनिंग, 24/03/2026 को इंग्लिश और जी.के. तथा 26/03/2026 को एस.एस.टी. और ड्राइंग की परीक्षा आयोजित की जाएगी। इन सभी विषयों की परीक्षा प्रथम पाली और द्वितीय पाली में ली जाएगी।
कक्षा 1, 2 और 3 के छात्रों की परीक्षा का कार्यक्रम इस प्रकार है- 17/03/2026 को साइंस और कंप्यूटर, 19/03/2026 को हिंदी और संस्कृत, 23/03/2026 को मैथ्स और रीजनिंग, 25/03/2026 को इंग्लिश और जी.के. तथा 28/03/2026 को एस.एस.टी. और ड्राइंग की परीक्षा आयोजित की जाएगी। इन सभी विषयों की परीक्षा प्रथम पाली और द्वितीय पाली में ली जाएगी।
नर्सरी, एल.के.जी और यू.के.जी के बच्चों के लिए परीक्षा कार्यक्रम इस प्रकार है- 17/03/2026 को मैथ, 19/03/2026 को हिंदी, 23/03/2026 को इंग्लिश, 25/03/2026 को ई.वी.एस तथा 28/03/2026 को ड्राइंग और राइमिंग की परीक्षा आयोजित की जाएगी। इन सभी परीक्षाओं का आयोजन प्रथम पाली और द्वितीय पाली में किया जाएगा।
निष्कर्ष
सार्थक प्राइमरी एकेडमी में वार्षिक परीक्षा शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में आयोजित की जा रही है। विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों की अच्छी व्यवस्था के कारण परीक्षा नकल-मुक्त और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो रही है। सभी छात्र नियमों का पालन करते हुए ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे रहे हैं। विद्यालय का उद्देश्य केवल छात्रों को अच्छे अंक दिलाना ही नहीं, बल्कि उनमें ईमानदारी, अनुशासन और मेहनत की भावना विकसित करना भी है।
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